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ये अंगुर खट्टे नहीं हैं..

अंगुर न मिले तो खट्टे होते है, और मिल जाये तो कभी नहीं.. कुछ दिनों पहले (१९ मार्च को) मम्मी ने एक कटोरी में अंगुर दे दिये.. और मुझे कैसे लगे ये तो तस्विरों में ही देखिये..




खट्टे तो बिल्कुल नहीं थे न?

धन्यवाद
कल राज भाटीया अंकल मे भी कमेंट्स की सेंचुरी पुरी कर ली.. भाटिया अंकल अपना प्यार तो देते ही है साथ ही मम्मी-पापा के लिये टिप्स भी देते हैं... थेंक्यु अंकल..
12 comments:

Comments

vah bhai adi ab bhala is muhavare ka kya hoga ki angoor khatte hain lagta hai tumhar asambhav ko sambhav kar dikhaaoge. bus jeevan me aise hi har cheez ko skaratmak dhang se lena ashirvaad.


वाह जी वाह मजा ही आ गया।


वाह जी वाह मजा ही आ गया।


भई वाह्! बहुत खूब....दुआ करते हैं कि आपके अंगूर हमेशा मीठे ही रहें.


नहीं मिलते ... तो खट्टे होते न ... मिल गए तो अच्‍छे ही होंगे।


बिल्कुल जो अंगूर खट्टे हों उन्हें मम्मी आदित्य को कैसे दे सकती है!


अरे पलटू, बहुत प्यारा लग रहा है.. लेकिन संमभल कर बेटा !! जब खट्टे हो तो तेरी सुरत देखने वाली होगी, वो भी एक मजेदार फ़ोटो होगी..
ओर मेरी फ़ोटो के लिये धन्यवाद.
बहुत सा प्यार


पल्टू काले अंगूर खट्टे कम ही होते हैं. बस हरे जरा देख कर मुंह मे देना नही तो मूंह मे पानी आ जायेगा.:)

रामराम.


प्रिय आदित्य का ढेरों आशीर्वाद।
आपको बधायी।


सही है नहीं मिलने पर ही अंगूर खट्टे होते है मिलने पर मिट्टे हो जाते है, खूब खाओ पल्टू जी ! ताकि जल्दी से बड़े हो जावो !


खट्टे कैसे हो सकते थे... मम्मी ने खट्टे वाले पहले ही हटा दिए होंगे....


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