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हाथों पर थाली गुमाई है कभी?

देखा होगा ना आपने कभी कहीं हाथों पर थाली घुमाते हुए? कैसे संतुलन बना देते हैं, ये ऐसे ही नहीं होता अभ्यास करना पड़ता हैं.. देखो ऐसे..



मुस्करा रहे हो? है न!
12 comments:

Comments

बढ़िया अभ्यास चल रहा है ऐसे ही लगे रहो | और हाँ विडियो के साथ धुन बहुत अच्छी लगाई है |


" ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha AAdi is super hero no doubt ha ha ha "

Love ya...


कौन आया था दरवाजे के बाहर, जिसने आदि का बैलेन्स का खेल रुकवाया, जरा देखना तो मेजिशियन महाराज!!

सच में मुस्करा दिये.


हा हा हा हा ...........बहुत खूब बच्चे ....उस्ताद हो गए हो


बचपन में ही संतुलन सीख गये... इसी की तो ज़िंदगी में ज़रूरत है.. बहुत खूब


सच में बहुत अभ्यास की जरुरत है .इस में तो आपने तो कर लिया अच्छे से :)


बढ़िया कोशिश.और आपके पापा के लिए कि बैक ग्राउंड में सारंगी और तबले की जगह संतूर और तबला ज्यादा मज़ेदार रहता.


वाह भई पल्टू आज तो चाल्हे ही काट दिये तन्नै.

रामराम.


aayi re aayi re hansi aayi.....bahut badhiya aadi beta.


वाह बेटा सीख ले फ़िर ममी पापा को घुमाना अपनी ऊंगलियो पै,अगली बार पहले दर्वाजे पर लिख कर टांग देना की अभी रिहसल चल रही है, कॄप्या तंग ना करे, चुपचाप अन्दर आ जाये.
प्यार पलटू बेटा


good aadi will be happy to read all bolgs once he grow up .All his good memories r captured so beautifully

(A scrap for Sunita Singh)


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