बढ़िया अभ्यास चल रहा है ऐसे ही लगे रहो | और हाँ विडियो के साथ धुन बहुत अच्छी लगाई है |
" ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha AAdi is super hero no doubt ha ha ha "Love ya...
कौन आया था दरवाजे के बाहर, जिसने आदि का बैलेन्स का खेल रुकवाया, जरा देखना तो मेजिशियन महाराज!!सच में मुस्करा दिये.
हा हा हा हा ...........बहुत खूब बच्चे ....उस्ताद हो गए हो
बचपन में ही संतुलन सीख गये... इसी की तो ज़िंदगी में ज़रूरत है.. बहुत खूब
:)
सच में बहुत अभ्यास की जरुरत है .इस में तो आपने तो कर लिया अच्छे से :)
बढ़िया कोशिश.और आपके पापा के लिए कि बैक ग्राउंड में सारंगी और तबले की जगह संतूर और तबला ज्यादा मज़ेदार रहता.
वाह भई पल्टू आज तो चाल्हे ही काट दिये तन्नै.रामराम.
aayi re aayi re hansi aayi.....bahut badhiya aadi beta.
वाह बेटा सीख ले फ़िर ममी पापा को घुमाना अपनी ऊंगलियो पै,अगली बार पहले दर्वाजे पर लिख कर टांग देना की अभी रिहसल चल रही है, कॄप्या तंग ना करे, चुपचाप अन्दर आ जाये.प्यार पलटू बेटा
good aadi will be happy to read all bolgs once he grow up .All his good memories r captured so beautifully(A scrap for Sunita Singh)
March 20, 2009 at 8:11 PM
बढ़िया अभ्यास चल रहा है ऐसे ही लगे रहो | और हाँ विडियो के साथ धुन बहुत अच्छी लगाई है |
March 20, 2009 at 8:31 PM
" ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha AAdi is super hero no doubt ha ha ha "
Love ya...
March 20, 2009 at 9:08 PM
कौन आया था दरवाजे के बाहर, जिसने आदि का बैलेन्स का खेल रुकवाया, जरा देखना तो मेजिशियन महाराज!!
सच में मुस्करा दिये.
March 20, 2009 at 9:33 PM
हा हा हा हा ...........बहुत खूब बच्चे ....उस्ताद हो गए हो
March 20, 2009 at 9:56 PM
बचपन में ही संतुलन सीख गये... इसी की तो ज़िंदगी में ज़रूरत है.. बहुत खूब
March 20, 2009 at 11:55 PM
:)
March 20, 2009 at 11:57 PM
सच में बहुत अभ्यास की जरुरत है .इस में तो आपने तो कर लिया अच्छे से :)
March 21, 2009 at 5:24 AM
बढ़िया कोशिश.और आपके पापा के लिए कि बैक ग्राउंड में सारंगी और तबले की जगह संतूर और तबला ज्यादा मज़ेदार रहता.
March 21, 2009 at 8:51 AM
वाह भई पल्टू आज तो चाल्हे ही काट दिये तन्नै.
रामराम.
March 21, 2009 at 10:30 AM
aayi re aayi re hansi aayi.....bahut badhiya aadi beta.
March 22, 2009 at 12:38 PM
वाह बेटा सीख ले फ़िर ममी पापा को घुमाना अपनी ऊंगलियो पै,अगली बार पहले दर्वाजे पर लिख कर टांग देना की अभी रिहसल चल रही है, कॄप्या तंग ना करे, चुपचाप अन्दर आ जाये.
प्यार पलटू बेटा
March 24, 2009 at 10:06 PM
good aadi will be happy to read all bolgs once he grow up .All his good memories r captured so beautifully
(A scrap for Sunita Singh)
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