मम्मी अपना कार्यक्रम एक दिन प्रिपोन कर रविवार को सुबह ही वापस आ गई.. पता है मम्मी मेरे लिये क्या गिफ्ट लाई है.. ये छोटा सा स्विंमिंग पूल.. रंग बिरंगा पूल..और मेरे लिये तो खेलने का पुरा मैदान
इसमें लगे है दो सींग.. और इन्हे दबाने पर पीं-पीं की आवाज भी आती है..
इसमें एक गेट भी है, और उस पर लगे है प्यारे प्यारे सितारे..
मम्मी ये सोच कर लाई थी, की मैं इसमें खेलता रहुगाँ और वो अपना काम करती रहेगी... पर अब मैं इन दीवारों में नहीं रहने वाला..
रविवार को तो पूल का मजा बिना पानी के ही लेना पड़ा, मौसम बदल गया था न, बारिश भी हो रही थी.. जल्द ही देखुंगा पानी भर के कैसा लगता है..
March 30, 2009 at 8:17 PM
ओये हीरो आज तो ख़ुशी छलक छलक जा रही है न...मम्मा जो आ गयी है....बहुत मिस किया था न तो देखा न कितना सुंदर गिफ्ट मिला......पानी भर कर और भी मजा आएगा .......हा हा हा हा ..."
Love ya
March 30, 2009 at 8:17 PM
ओये हीरो आज तो ख़ुशी छलक छलक जा रही है न...मम्मा जो आ गयी है....बहुत मिस किया था न तो देखा न कितना सुंदर गिफ्ट मिला......पानी भर कर और भी मजा आएगा .......हा हा हा हा ..."
Love ya
March 30, 2009 at 8:35 PM
मम्मा का मन नहीं मान रहा था इसीलिये तो जल्दी आ गयी. पूल में पानी भर कर भी मस्ती करना. मजा आएगा.
March 30, 2009 at 8:48 PM
अरे वाह, आदि को तो बहुत ही अच्छा गिफ्ट मिला है. इसमें पानी भारकर तो बड़ा ही मज़ा आएगा....
March 30, 2009 at 9:49 PM
ओए लक्की ... दो चार दिन मम्मा का प्यार न मिला तो ... इतनी बडा गिफ्ट मिल गया ... खूब खेलों।
March 30, 2009 at 10:24 PM
अरे वाह! मम्मी तो बड़ा अच्छा गिफ्ट लायी है.. खूब नहाओ.. खूब मस्ती करो.. और खूब पी पी करो.. अरे वो वाली पी नही बुद्धू.. पूल में बजने वाली पी पी.. :) चाचा क़ी शादी में कब जा रहे हो?
March 31, 2009 at 12:09 AM
बहुत सुन्दर गिफ्ट है यह तो ..खूब मजे करो इस में :)
March 31, 2009 at 12:53 AM
दूरदृष्टि - गर्मियां आ रही है अब आएगा जल क्रीडा का आनंद फिर आप भी सुनना छपाक छई का मधुर संगीत.
March 31, 2009 at 1:28 AM
आज तो पल्टू ख़ुशी दुगुनी हुई होगी ? कई दिनों बाद मम्मी से मुलाकात और साथ में ये सुन्दर सा गिफ्ट !
March 31, 2009 at 5:00 AM
आदित्य.. बहुत प्यार स्विमिंग पूल है यार.. हमें भी खेलने दोगे ना इसमें..
March 31, 2009 at 5:32 AM
वाह यार पल्टू अब तो तेरे मजे हो गये? गर्मी आने के पहले ही स्विमिंग पूल का इंतजाम हो गया. मस्ती लो जी आप.
रामराम.
March 31, 2009 at 7:37 AM
सॉरी नन्हे ....पिछले दिनों तुमसे मिल नहीं पाया .इसमें अकेले मत खेलना...
अपुन के लिए जगह है बीडू इसमें ???
March 31, 2009 at 8:02 AM
बिन पानी के तैरो भाई,
स्वीमिंग-पूल निराला है!
सभी रंग हैं सुंदर इसके,
मन को भानेवाला है!!
March 31, 2009 at 9:45 AM
अरे वाह पलटू मजा आ गया, अब तो गर्मिया भी शुरु, तो बेटा इस मै खुब सारा पानी भर कर खेलना..बेटा मम्मी भी तो तेरी तरह तेरे बिन उदास हो गई हो गी, इस लिये भागी भागी आ गई राजा बेटा के पास साथ मे सुंदर सा गिफ़्ट..
बहुत सारा प्यार बेटा
March 31, 2009 at 10:54 AM
कित्ता सुन्दर स्विमिंग पूल है....छुटकू के साथ मुझे भी तैरना है!
March 31, 2009 at 11:41 AM
आदि, आपका गिफ्ट तो बहुत संदर है.
March 31, 2009 at 11:40 PM
आप जैसे जैसे बड़े हो रहे हैं वैसे वैसे शैतान भी...अब मम्मी को आपको बांधे रखना आसान नहीं होगा...और थोड़े दिनों में जब भागने लगोगे तो फिर देखना मज़ा अपनी मम्मी पापा की हालत का...जल्दी ही तुम्हें पूल में पानी छ्पछ्पाते हुए देखने की चाह है
नीरज (दादू)
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