अंगुर न मिले तो खट्टे होते है, और मिल जाये तो कभी नहीं.. कुछ दिनों पहले (१९ मार्च को) मम्मी ने एक कटोरी में अंगुर दे दिये.. और मुझे कैसे लगे ये तो तस्विरों में ही देखिये..
खट्टे तो बिल्कुल नहीं थे न?
धन्यवाद
कल राज भाटीया अंकल मे भी कमेंट्स की सेंचुरी पुरी कर ली.. भाटिया अंकल अपना प्यार तो देते ही है साथ ही मम्मी-पापा के लिये टिप्स भी देते हैं... थेंक्यु अंकल..
vah bhai adi ab bhala is muhavare ka kya hoga ki angoor khatte hain lagta hai tumhar asambhav ko sambhav kar dikhaaoge. bus jeevan me aise hi har cheez ko skaratmak dhang se lena ashirvaad.
अरे पलटू, बहुत प्यारा लग रहा है.. लेकिन संमभल कर बेटा !! जब खट्टे हो तो तेरी सुरत देखने वाली होगी, वो भी एक मजेदार फ़ोटो होगी.. ओर मेरी फ़ोटो के लिये धन्यवाद. बहुत सा प्यार
March 28, 2009 at 8:50 PM
vah bhai adi ab bhala is muhavare ka kya hoga ki angoor khatte hain lagta hai tumhar asambhav ko sambhav kar dikhaaoge. bus jeevan me aise hi har cheez ko skaratmak dhang se lena ashirvaad.
March 28, 2009 at 10:09 PM
वाह जी वाह मजा ही आ गया।
March 28, 2009 at 10:09 PM
वाह जी वाह मजा ही आ गया।
March 28, 2009 at 10:15 PM
aditya ...so cute baby....
March 29, 2009 at 1:44 AM
भई वाह्! बहुत खूब....दुआ करते हैं कि आपके अंगूर हमेशा मीठे ही रहें.
March 29, 2009 at 2:54 AM
नहीं मिलते ... तो खट्टे होते न ... मिल गए तो अच्छे ही होंगे।
March 29, 2009 at 9:14 AM
बिल्कुल जो अंगूर खट्टे हों उन्हें मम्मी आदित्य को कैसे दे सकती है!
March 29, 2009 at 10:15 AM
अरे पलटू, बहुत प्यारा लग रहा है.. लेकिन संमभल कर बेटा !! जब खट्टे हो तो तेरी सुरत देखने वाली होगी, वो भी एक मजेदार फ़ोटो होगी..
ओर मेरी फ़ोटो के लिये धन्यवाद.
बहुत सा प्यार
March 29, 2009 at 10:42 AM
पल्टू काले अंगूर खट्टे कम ही होते हैं. बस हरे जरा देख कर मुंह मे देना नही तो मूंह मे पानी आ जायेगा.:)
रामराम.
March 29, 2009 at 6:03 PM
प्रिय आदित्य का ढेरों आशीर्वाद।
आपको बधायी।
March 29, 2009 at 7:39 PM
सही है नहीं मिलने पर ही अंगूर खट्टे होते है मिलने पर मिट्टे हो जाते है, खूब खाओ पल्टू जी ! ताकि जल्दी से बड़े हो जावो !
March 30, 2009 at 11:33 AM
खट्टे कैसे हो सकते थे... मम्मी ने खट्टे वाले पहले ही हटा दिए होंगे....
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