लग रहा था कि मैं घुटने से चलूगां ही नहीं सीधे चलना सीखुगां.. चलना सीखाना शुरु भी कर दिया.. लेकिन इससे पहले मैं कि मैं चलू मैनें घुटने से चलना (crawl) भी सीख लिया.. अभी कुछ दिन पहले ही.. अब घर का हर कोना मेरी पहुँच में है..
अरे पलटू यार यह काम थोडा देरी से शुरु किया , लेकिन बाबा किया तो सही ना, अब तु पांव के नीचे ना आ जाये ममी पापा कॊ ज्यादा ध्यान देना पडेगा, चल मेरे घोडे टक टक टक.... शाबश बेटे बहुत सा प्यार
February 27, 2009 at 9:22 PM
ये पंक्तियाँ याद आ गयीं..."घुटरुन चलत रेनू तनु मंडित...." वाह....हमें तो आपके दौड़ने का इंतज़ार है...
नीरज
February 27, 2009 at 9:35 PM
घुमाने ले जाओगे???
हा भई क्यों नही ले जाएँगे.. हम तो तैयार है...
February 27, 2009 at 10:03 PM
जल्द ही तुम अपने पैरों पर चलने लगो। मेरी शुभकामनाएं।
February 27, 2009 at 10:49 PM
"are wah wah....to is yello boll ne khub chakaya aadi ko hai na....koi baat nahi hum dono mil kr boll ko chkayenege ab ki baar hai na.."
Love ya
February 28, 2009 at 12:01 AM
दूर हटो ए दुनियावालो .....
February 28, 2009 at 3:34 AM
ओये पल्टू,
घुटना चाल के साथ साथ पेट चल भी चल लेता है रे तू तो.
February 28, 2009 at 5:16 AM
वाह !! बहुत सुंदर ।
February 28, 2009 at 5:31 AM
बहुत हँसोगे जब बड़े हो जाओगे यह विडियो देख देख कर :)
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चाँद, बादल और शाम
गुलाबी कोंपलें
February 28, 2009 at 7:32 AM
अरे पलटू यार यह काम थोडा देरी से शुरु किया , लेकिन बाबा किया तो सही ना, अब तु पांव के नीचे ना आ जाये ममी पापा कॊ ज्यादा ध्यान देना पडेगा,
चल मेरे घोडे टक टक टक....
शाबश बेटे बहुत सा प्यार
February 28, 2009 at 10:14 AM
Kadam kadam badayee ja..........
February 28, 2009 at 8:16 PM
:) वाह बहुत बढ़िया
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