शादी के लिये बहुत तैयारी की.. मेरे लिये बहुत सारे नये कपडे़ आये (नये कपडो़ में आपको फोटो जल्द ही दिखाऊंगा).. और हमने सारा सामान पैक कर दिया... पर ये क्या.. पापा शायद मुझे भी पैक करने के मूड में थे..
पर मैं कोई ऐसे पैक होता हूँ क्या..
हम इस बार भी ट्रैन से ही जोधपुर गये.. पर ट्रैन में हम अकेले नहीं थे.. ट्रैन में अर्पित और क्षितिज चाचा पहले से बैठे थे.. और तो और उन्होने तो तय भी कर लिया था कि मेरे साथ पहने कौन खेलेगा.. और वो मेरे लिये खिलौना भी लाये थे.. ट्रैन मैं बहुत मस्ती की, मामी दादी के साथ भी बहुत खेला..
सुबह ट्रैन बिक्कुल सही समय पर स्टेशन पहुँची.. दादा स्टेशन पर लेने आये.. और शुरु हो गई मेरी जोधपुर की unlimited मस्ती...
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(शादी में व्यस्तता की वजह से आदि के बारें में काफी दिनों तक नहीं लिख पाये.. उसके बाद आदि बीमार हो गया.. सर्दी, खाँसी, बुखार और दस्त.. सभी एक साथ.. आदि की देखभाल में ही समय निकल गया.. अब आदि ठीक है.. और पहले की ही तरह नियमित रुप से आपसे मिलता रहेगा - रंजन)
January 19, 2009 at 9:51 PM
वाकई, बहुत दिनों से इन्तजार था बबुआ को देखने का. अब नियमित लिखें..शादी की फोटो वगैरह दिखाओ.
January 19, 2009 at 11:15 PM
आदीईईईईईईइ कहाँ थे बेटा अरे तो बता कर जाना था ना..... अब यहाँ absent लग गयी ओके वाह बधाई हो अब तो "चाची" आ गयी हम्म खूब मस्ती करना अब उनके संग.... और "चाचा और चाची " को हमारी तरफ से ढेर सारी शुभकामनाये .."
Love ya
January 19, 2009 at 11:20 PM
प्याले .....ठंडी अभी गयी नही है...ओर मौसम अभी बैमानी पर है.थोड ध्यान रखो.
January 19, 2009 at 11:23 PM
अरे वाह आदि जोधपुर घूम आए.. लेकिन अकेले अकेले ??
और वहा जाते ही बीमार पड़ गए.. अरे पापा को बोलो ख्याल रखे आपका..
अब जल्दी से नए कपड़ो वाले फोटोस दिखाओ भई
January 19, 2009 at 11:35 PM
अरे पलटू बडे दिनो बाद आये, भाई हम तो मेल करने वाले थे, चलो शादी मे भी घुम आये, ओर बीमार भी हो गये, अब ठीक हो ना, अगली बार जाओ तो बेटा बता कर जाना, सब को तुम्हारी फ़िक्र थी.
प्यार ओर प्यार
January 19, 2009 at 11:54 PM
बहुत बढ़िया शादी अटेंड करके आए. और यह क्या तबियत भी ख़राब गई, कोई बात नही यह सब तो चलता ही रहता हैं. मैंने अपने ब्लॉग में तुम्हारे लिए बहुत सरे गमेस हैं, बस थोया और बढे हो जाओ फिर खेलते रहना. देखना मत भूलना.
January 20, 2009 at 12:02 AM
अरे वाह! तुम तो अभी से सूटकेश में पैक होने की तैयारी कर रहे हो. बड़े होकर यात्राएं ही करने का इरादा है क्या? और हाँ, शादी में डांस किया या नहीं? अगर डांस का कोई विडियो हो तो दिखाओ.
तबियत तो ठीक हो जायेगी. हीरो की तबियत ख़राब होती है क्या? खुश रहो. खेलो-कूदो. मस्त रहो.
January 20, 2009 at 1:14 AM
हमलोग तो हर ओर ढूंढ रहे थे , आदि बिना बताए कहां चला गया....खैर आ गए हो तो अच्छा लग रहा है...अब नियमित मिला करना।
January 20, 2009 at 6:27 AM
चलो यार पलटू दादा आपकी खबर तो मिली, और भाई सर्दी से थोडा बचके रहना. आपकी फ़ोटो देखने का इन्तजार है.
रामराम.
January 20, 2009 at 8:12 AM
अच्छा हुआ तुम आगए . हमें याद आ रही थी !
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