दो महीने पहले हुऐ पोलियो रविवार की सुचना मैने आपको दी थी, विवेक अंकल को ये अन्दाज बहुत भाया.. तो मैने सोचा कि इस बार भी आपको खबर कर ही दूँ.. पर इस बार एक दिन पहले.. ताकि आप अपने रविवार के कार्यक्रम में इसे शामिल कर सकें..
तो इस बार मेरे मंथली बर्थडे से ठीक पहले यानि 1 फरवरी को है पोलियो रविवार.. और इस दिन पाँच साल से छोटे बच्चों (जैसे चार साल के सन्तु भैया या फिर एक साल के मन भैया ) को पिलाई जाती है.. पोलियो की दवा.. कोई ज्यादा मात्रा में नहीं.. बस दो बूंद.. दो बूंद जिन्दगी की..
कई सारे पोलियो बूथ बनाये जाते है.. हर सरकारी अस्पताल, स्वास्थ केन्द्र इत्यादि जगहों पर.. बडे़ शहरों मैं तो चौराहो पर भी ऐसे बूथ होते है.. पता किजिये आपके घर के आस पास भी जरुर होगा एसा बूथ.. बस फिर क्या है रविवार को चले जाइये सुबह 9 बजे से शाम के 5 बजे के बीच (आपके शहर में हो सकता है समय आधा/एक घण्टा आगे पीछे हो).. अगर आप सफ़र कर रहे है तो भी चिन्ता की कोई बात नहीं ये दवा तो बस स्टेण्ड और रेल्वे स्टेशन पर भी पिलाई जाती है.. ये दवा क्यों पीनी और हर बार पीनी जरुरी है ये आपको पिछली पोस्ट में बता ही चुका हूँ.. तो देर किस बात की.. रविवार को चलते है पोलियो बूथ पर..
January 30, 2009 at 10:45 PM
आदि, हमें भी याद है और हम मन को पोलियो पिलाने जरूर लेकर जायेंगे. तुम भी जरूर पीने जाना दो बूँद जिन्दगी की... मन का लिंक देने के लिए थैंक्स
January 30, 2009 at 10:50 PM
जरूर पीना छुटके ...नियमित रूप से .ब्राजील जैसे देश से पोलियो का निवारण सिर्फ़ इसी पद्धति से हुआ है .ओर हाँ देरी से शुभकामनाये दे रहा हूँ........ढेरो ढेरो आशीर्वाद .स्नेह ओर ढेर सारा प्यार .
January 31, 2009 at 2:44 AM
हाँ आदित्य तुमने सही याद दिलाया ! संतू को जरूर दवा पिलाएंगे !
January 31, 2009 at 5:08 AM
चलो चलो पोलियो बूथ जल्दी करो भूल न जाना यही है दो बूंद जिन्दगी के हा हा हा हा , बेटा गेंद तो निकालो पहले हा हा हा "
love ya
January 31, 2009 at 5:49 AM
पल्टू यार तुम अभी से बडे सयाने लग रहे हो. बहुत प्यार और आशीष.
रामराम.
January 31, 2009 at 8:27 AM
अबे पलटू जल्दी जाओ यार, शायद शाम को कोई अंकल आंटी आ जाये.
प्यार ओर बहुत प्यार
January 31, 2009 at 9:13 AM
बहुत जरुर है मेरे बचुआ.. भगवान से प्रार्थना है कि सब हमारे बच्चे स्वस्थ एवं इसके प्रति जागरुक रहें.
बदमासी पूरी ताकत से जारी रखना.पापा की नाक में दम कर दो. :)
January 31, 2009 at 9:17 AM
कभी मन करता है कि तुम्हारे गाल पकड़ कर हिला दें, तुम रोने लगो तो सीने से लगा लें. बहुत प्यारे हो मेरे बच्चे.
मम्मी से कहो मिर्चे से नजर उतारें रोज!! या फिर ठिठोना में काले काजल की जगह समीर अंकल का फोटो तुम्हारे साथ रखें तो नजर नहीं लगेगी :)
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