"आदित्य रंजनऔर ये रहा पूरा लेख
अगर आप आठ महीने के बच्चे की बाल सुलभ अदाओं को नजदीक से देखना चाहते हैं, तो इस ब्लॉग पर चले आइए। यहां जोधपुर के आठ महीने के आदित्य रंजन की सभी बातें उनके मम्मी-पापा (अंजु-रंजन) रोचक अंदाज में पहुंचा रहे हैं। यहां आदित्य के वजन, ऊंचाई, सफर, खाने-पीने से लेकर सभी तरह की दूसरी जानकारियां रोचक अंदाज में लिखी जा रही हैं।
अलग-अलग वजहों से मैं अब तक आशिष अंकल को धन्यवाद ही नहीं कह पाया.. आज इस पोस्ट से मैं उनको भी धन्यवाद दे रहा हूँ.... "ThankYou Uncle".
और ये रही कल शाम की मस्ती..
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January 23, 2009 at 1:29 AM
वाह वाह बबुआ तो अखबारों में भी छा गये मगर पलटुगिरी नहीं छोड़ी. बहुत खूब..ऐसे ही खूब नाम कमाओ.
January 23, 2009 at 2:53 AM
वाह! यह हंसी और यह शर्माना अखबार में छपने के कारण है!
January 23, 2009 at 4:23 AM
वाह यार पल्टू भाई , आप तो नाहक शरमा कर मुंह छुपा रहे हो? अभी से अखबार मे छप रहे हो यानि पक्के नेता बनोगे. बडे होकर ताऊ की पाठशाला मे भर्ती होजाना, बिल्कुल लालू बना देगा ताऊ तन्नै. :)
रामराम.
January 23, 2009 at 7:33 AM
हमने तुम्हें छ्पते हुए देखा था !
छपना मुबारक हो !
January 23, 2009 at 10:22 AM
अरे आदित्य तुम्हे नही पता था की तुम्हारा नाम अख़बार में आया हैं ?मैंने तो उसी दिन शायद पढ़ लिया था ,वैसे कुछ भी कहो लकी हो बच्चे ,अभी से अख़बार में ,वाह वाह क्या बात हैं .बधाई हो तुम्हे ,मम्मा से कहना पेपर संभाल कर रखे ,बडे होंगे तो गर्व से दोस्तों को दिखाना .ठीक हैं .
January 23, 2009 at 11:00 AM
पलटू बेटा हीरो बन गया,
प्यार बेटा
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