शाम को पापा मम्मी बात कर रहे थे कि अब आदि को कौन रखेगा, उसके साथ कौन खेलेगा.. तय हुआ कि पापा आदि को आठ से साढे़ आठ तक रखेंगें उसके बाद मम्मी आदि को खाना खिलायेगी...फिर मम्मी किचन में चली गई और में और पापा मैदान में.. मैदान नहीं समझे? हमने पलंग को ही मैदान बना दिया और हैण्डबाल खेले.. और वो भी फुटबाल से.. मैच का लाइव टेलिकास्ट तो नहीं कर पाया.. पर नाराज क्यों होते हो...रिकोर्डिगं है न..
है तैयार आप भी मेरे साथ अगले मैच के लिये?
December 4, 2008 at 9:13 PM
bahut sundar.. :)
December 4, 2008 at 9:13 PM
ऐं ऐं.....आदि जीत गया...पापा हार गये!!!
अब फुटबाल का टेस्ट कैसा था वो भी तो बताओ. देख लिये हैं कि तुमने दो बार खाई है फुटबाल बीच में. :)
December 4, 2008 at 9:15 PM
मेरा कमेंट खो गया... :(
हम पूछे थे कि फुटबाल का टेस्ट बताओ!!!
December 4, 2008 at 10:35 PM
शाब्बाश मेरे शेर, मैं तुम्हारी तरफ़ से हूँ. चीयर कन्या तो नहीं पर चीयर बॉय तो बन ही सकता हूँ.
December 5, 2008 at 8:18 AM
अबे बाप को हरा यह भी बाप की जीत ही है... शाबाश
December 5, 2008 at 8:56 AM
अरे वाह ये खेल भी अच्छा रहा
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