पलटू यार ! ममी पापा ओर बाकी लोग क्यो नही समझते ? बात तो यह है कि तु बढना आगे चाहते हो, लेकिन चले पीछे जाते हो, ओर सभी समझते है पलटु पीछे जा रहा है :), अबे लगा रह एक दो दिन मै खुद बा खुद आगे बढा आ जये गा, ओर दो महीनो मे ममी ओर पापा के हाथ भी नही आयेगा इतनी जल्दी जल्दी घुटनओ के बल भागेगा. चल शेर बन. खुब प्यार
अरे मेरे लाल ! यह पीछे खिसकना नहीं है बल्कि आगे बढ़ने के लिए ताकत बटोरना है. मैं बेचैन हूँ तुमको बकैयाँ खींचते हुए और आगे बढ़ते हुए देखने को. उम्मीद है की शीघ्र ही तुमको आगे बढ़ते हुए देख पाऊंगा. काश कि तुम्हें गोद में ले पाता !!
December 8, 2008 at 12:06 AM
आदित्य जी जल्दी से उठकर भागना शुरू कर दो;)
December 8, 2008 at 1:28 AM
अब बना पलटुराम से खिसकुराम हमारा आदि बबुआ!!
December 8, 2008 at 4:30 AM
मम्मी - पापा से लिखवा लिया कर बेटा खुद लैपटॉप से आँख मत लडा अभी से .
December 8, 2008 at 5:20 AM
पीछे की जगह आगे भागो आदि जमाना आगे भागने वाला है.
December 8, 2008 at 5:43 AM
खिसकू राम धीरे धीरे सब सीख जाओगे बस लगे रहो
December 8, 2008 at 8:34 AM
दोस्त कभी मेरे ब्लाग पर भी आऒ खूब मजेदार बातें करेंगे और अच्छी-अच्छी कविताएं भी सुनाऊंगा
December 8, 2008 at 9:18 AM
पलटू यार ! ममी पापा ओर बाकी लोग क्यो नही समझते ? बात तो यह है कि तु बढना आगे चाहते हो, लेकिन चले पीछे जाते हो, ओर सभी समझते है पलटु पीछे जा रहा है :), अबे लगा रह एक दो दिन मै खुद बा खुद आगे बढा आ जये गा, ओर दो महीनो मे ममी ओर पापा के हाथ भी नही आयेगा इतनी जल्दी जल्दी घुटनओ के बल भागेगा. चल शेर बन.
खुब प्यार
December 8, 2008 at 11:42 PM
अरे मेरे लाल ! यह पीछे खिसकना नहीं है बल्कि आगे बढ़ने के लिए ताकत बटोरना है.
मैं बेचैन हूँ तुमको बकैयाँ खींचते हुए और आगे बढ़ते हुए देखने को.
उम्मीद है की शीघ्र ही तुमको आगे बढ़ते हुए देख पाऊंगा.
काश कि तुम्हें गोद में ले पाता !!
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