हर थोड़े दिनों में मेरे नाखुन बढ़ जाते हैं.. नाखुन बढ़ने से वैसे तो कोई परेशानी नहीं होती पर जब कान और आँख खुजाता हूं तो खरोंच लग जाती है.. अभी पिछली बार तो कान में खरोंच ज्यादा ही लग गई.. हल्का सा खून भी निकल आया.. फिर क्या था.. नाखुनों की बली..नाखुन गंदे भी तो बहुत होते है? फिर मैं तो हाथ और अंगुली अक्सर खाता हूँ.. तो साफ रखना बहुत जरुरी है.. खैर मुझे कोई विशेष आपत्ति नहीं होती नाखुन कटवाने में.. बस थोडा़ सा ध्यान इधर-उधर लगवाओ और नाखुन काट लो... मम्मी तो एक हाथ में खिलौना पकडा़ देती है.. और चुपके से कब नाखुन काट लेती है.. मुझे पता ही नहीं चलता है.. अभी तक तो पापा मेरे नाखुन काटते हुए डरते थे, कहीं चोट न लग जाये..लेकिन अब वो भी मेरे नाखुन काट देते है.. कल रविवार का था.. पापा फुरसत में थे और मेरे नाखुन फिर से कट गये..


December 14, 2008 at 8:22 PM
बहुत अच्छा नाखून ज्यादा नही बढ़ने चाहिए इनमे गंदगी घुस जाती है जो स्वास्थ्य ख़राब करती है | और हाँ अंगुली और अंगूठा खाने की आदत ठीक नही होती इसे भी सुधारो |
December 14, 2008 at 8:29 PM
मम्मी पापा को सही काम में लगा रखा है आपने.
December 14, 2008 at 9:52 PM
बहुत सेवा करवा रहे हो न मम्मी पापा से ....सब याद रखना....भूलना मत।
December 15, 2008 at 4:12 AM
अच्छे बच्चे ऐसे ही अच्छे से नाखून कटवाते है... कोई शोर--गुल नही, रोना-धोना नही.. ऐसे ही हमेशा अच्छे बने रहना...!!!
December 15, 2008 at 4:58 AM
और ये तुम्हारी टोपी कहाँ है ? तुम्हें सर्दी नहीं लगती क्या ? पापा ने तो टोपी लगा रखी है :)
December 15, 2008 at 5:34 AM
जैतून का तेल ओर मोशचरेज़र नाखून पर भी लगाना चाहिए ,याद रखना ये डॉ अंकल की सलाह है......
December 15, 2008 at 11:19 AM
पलटू अच्छी बात है नाखून कटवाना, पर यार टोपी तो तुझे पहनी चाहिये, पापा ने पहन रखी है???...:)
December 17, 2008 at 9:21 PM
वाह महाराज!! ये ठाठ हैं..मजे आ गये.
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