पलटुराम के पलटने के लिये मैदान बनाने के लिये पापा मम्मी बात कर रहे थे.. एक कमरे को अच्छे से साफ कर आंगन में एक बडा़ सा गद्दा लगा दें.. दिवारों पर मेरे पोस्टर सजा दे.. और गद्दे के चारों और किटाणु रख दे.. अरे ये क्या.. किटाणु?... अरे!! मम्मी की जीभ फिसल गई.. मम्मी कहना चाह रही थी.. कमरे को अच्छे से पोछा लगा किटाणु मुक्त कर, गद्दे के चारों और खिलौने रख दे.. हाँ ये ठीक है.. फालतु टेशन हो गया किटाणु सुनकर..
आया मजा़ किटाणु की बात सुनकर ? चलो अब फोटो देखते है.
सर्दीयां आ गई और मेरी टोपी भी.. नानी लाई है
दोपहर की धूप में.. बैठने की practice और खिलौनो का अवलोकन
दोपहर की नींद में.. देखा मेरा सोने का style?
November 6, 2008 at 7:06 PM
टोपी बाबू...क्या टोपी लाई हैं यार नानी. कितनी अच्छी है कि बबुआ तो बहुत हीरो लग रहा है नई टोपी लगा कर और सोया भी तो इसीलिव है स्टाईल में है. :)\
बहुत सही!!
November 6, 2008 at 8:46 PM
अरे.. आप तो हीरो दिख रहे हैं.. :)
November 6, 2008 at 9:35 PM
वाह क्या गजब का स्टाइल है.. टोपी में तो जच रहे हो दोस्त
November 6, 2008 at 9:51 PM
oye tensio to humko bhee ho gya tha ye ketanu sun kr ha ha h "sir pe topee laal ( oh yhan to peelee hai yaar) hath mey resham ka rumal ( rumal nahee toy hai magar chlega ) oye taira kya kehna....." god bless you.
love ya
November 7, 2008 at 4:19 AM
टोपी और खिलोने दोनों ही बहुत बढ़िया है पल्टूराम
November 7, 2008 at 7:58 AM
are वाह..कितनी सुंदर टोपी. हमको भी लगाने दो छोटे उस्ताद.
November 7, 2008 at 11:41 AM
अबे पलटु तु तो यार सेठ की तरह से सोया है भाई, घोडे बेच कर, यार पलटू तेरी मोज है, कभी नानी कुछ ला रही है तो कभी दादी... अबे नानी तो तुझे टोपी पहना गई..........
November 8, 2008 at 10:37 PM
यार तू तो बड़ा साना है तेरी नानी भी प्यारी है और मम्मी भी और तू भी बहुत प्यारा है मेरे भी एक टोपी ला दे ना तू मुझसे बात करना में तुझे सब बता दुगा ओके पर तो तेरे नम्बर मुझे देता तो ठीक रहता पर तू देता कहा है है इसलिए ...9001500303पर मुझे काल करना ok
November 9, 2008 at 7:46 PM
mai chiku bhaiya pahchanliya aap nai , mai ne aapki photo dekhi bohat good gagi ap ka sone ka style to accha hai.
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