ऋषभ भैया हालांकि मुझसे थोड़े ही (६ माह) बडे़ है.. पर उनके लिये तो मैं किसी खिलौने से कम नहीं.. भैया जब मस्ती के मुड़ में होते है तो मजे ही मजे.. वो प्यार से मुझे देखते है, स्माइल देते है और छुकर भी देखते है.. हाँ कभी - कभी ज्यादा तेज छुने की कोशिश करते है.. जैसे मैं कोई खिलौना हूँ....पर कोई न कोई तो पास होता ही है..
पुरा घर मेरी और भैया कि किलकारियों से गुँज गया है.. सभी दिन भर के लिये वयस्त है.. मेरे और "ऋषभ बाबु" के लिये..
आज तो मैं नानी के घर हूँ.. अरे वहाँ भी तो धमाल मचानी है..
October 30, 2008 at 1:53 AM
बेटा, ६ महिने बड़े नही..अभी तो आपकी डबल उम्र के हैं.. :)
October 30, 2008 at 12:07 PM
आदि बेटा, आज तो बहुत प्यारे लग रहे हो आप, भइया को देखकर ऑंखें चमक उठी हैं, और नानी घर में तो मस्ती ही मस्ती होगी, क्यों।
October 31, 2008 at 2:16 AM
wow bhut accha lga aap dono ko khailty dekh kr han you are always cute han...
love ya
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