मम्मी कि पीठ में काफ़ी दर्द रहता है. छोटे-छोटे घरेलू इलाज से जब कोई फर्क नहीं पड़ा तो पापा मम्मी डॉ के पास गये.. डॉ आंटी ने मम्मी से बात कर जानना चाहा की दर्द क्यों रहता है.. उन्होने मम्मी से कई सवाल पूछे जैसे.. आदि को feed कैसे करवाते हो? आदि को कैसे उठाते है? कौन मदद करता है? आदि को नहलाते कैसे हो? वगैरह वगैरह.....
अब बताए दर्द तो मम्मी को था पर सवाल सारे आदि के, क्यों भला? खैर डॉ ने निष्कर्ष निकाला कि दर्द कि वजह posture का सही नहीं होना है.. उन्होने मम्मी को कुछ टिप्स दिये... और कहा कि आदि को bathing chair पर नहलाओ... इससे झुकना कम पड़ेगा और कमर में दर्द नहीं होगा.. मम्मी को दर्द हुआ लेकिन मुझे तो नई चेयर मिल गई... ये देखो कितने ठाठ से बैठा हूँ...
और ये देखो इसमे कमर पेटी (seat belt) भी है...
लेकिन ये एसे बैठने के लिये नहीं है.. ये तो मेरे नहाने कि लिये है.. ये देखो नानी नहला रही है..
है न मेरी चेयर बहुत अच्छी?
October 4, 2008 at 11:02 PM
बहुत सुंदर है..
आपको ढेर सारा प्यार..
October 5, 2008 at 12:23 AM
बहुत सुंदर चेयर मिली है आदि
October 5, 2008 at 3:36 AM
भैय्या, अपनी कुर्सी संभाल के रखना, कुर्सी हथियाने वालों कि कमी नहीं है.
October 5, 2008 at 8:32 AM
वाह वाह!! ये भी खूब रही!! तबीयत मम्मी की खराब हुई और कुर्सी पर जम कर बैठ गये आदित्य महाराज..बढ़िया है. मजे उड़ाओ. लेकिन मम्मी को जरा कम परेशान करना. पापा से कहो कि वो नहलाया करें बबुआ को. :)
October 5, 2008 at 8:36 PM
oye hero, what a chair yaar, red colour wowww. u know ye mom hoteen hi kuhc bhee problem ho bus chote chote kids ka bhana bna daiten hain, ha ha ha ha pain mom ko or bhana aadee ka lo ye bhee koee baat huee, pr jane do na yaar, hume to profit hee hua na, new chair with belt or bhee red walee, to bjao talee hahaaa..... you are dam good on chair'
love ya...
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