आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं.. और आभार आपके शुभकामना संदेशों के लिये..
दीपावली की शुभकामनाऐं
कल तो लक्ष्मी पूजन था... शाम को मम्मी ने मुझे नये कपडे़ पहना कर तैयार कर दिया था.. ऋषभ भैया भी तैयार हो गये.. हाँ उनको तो अनुरंजन चाचा ने नींद में ही तैयार कर दिया.. उनके लिये दादा बहुत सुन्दर जोधपुरी सूट और जूती लाये थे..दादी की गोद में आरती
लक्ष्मी पूजन पर दादा दादी ने पूजा का थाल तैयार किया और हमने लक्ष्मी पूजा की.. मैं भी आरती की किताब ध्यान से देख कर आरती में अपना योगदान दे रहा था..
घर से पूजा कर हम चाचा के शोरुम गये.. वहां भी तो पूजा करनी थी... ऋषभ भैया तो अभी तक सो ही रहे थे...चाचा के शोरुम में भी सो ही रहे थे... वहां भी पूजा हुई.... पर पूजा करते करते मैं तो थक गया.. और पापा की गोद में सो गया.. लेकिन ऋषभ भैया की नींद तब तक पूरी हो गई.. और पटाखों के मजे तो उन्होनें ही लिये..
दादा की गोद में ऋषभ भैया
तो ऐसी रही मेरी पहली दिपावली..
दादा दादी और ऋषभ भैया के साथ मेरी मस्ती जोधपुर में चालू है.. जल्दी ही और बातें लेकर आता हूँ..
October 29, 2008 at 5:38 AM
नये कपड़ों मे तो बबुआ बहुत सुन्दर दिख रहा है. आरती बड़े ध्यान से पढ़ रहे हो..शाबाश!!
October 29, 2008 at 6:49 AM
वाह! वाह!
आदि को देखकर मुस्कान तो आती ही है. तुम्हें और परिवार के सभी को दीपावली की शुभकामनाएं...
@ रंजन जी,
यही कामना है कि आदि को ब्लॉग पर बड़ा होते हुए देखूं.
@ आदि
देखकर तुम्हारी आन-बान और शान
हमेशा आती है चेहरे पर मुस्कान
(अनु मालिक से साभार)...:-)
October 29, 2008 at 7:13 AM
हमें भी जोधपुर जाना है....
October 29, 2008 at 10:12 AM
आदि यार तुने बताया ही नही मिठ्ठाई कोन कोन सी खाई? ओर क्या क्या किया, सची बताना डरा तो नही पटाखो से??? बेसे आरती तो खुब ध्यान से सुन रहा है दादी से
October 30, 2008 at 12:59 AM
" oye hero so was your dewali enjoyed crackers and sweats na.."
Love ya
October 30, 2008 at 3:41 AM
mr.aditiya aap to bade maze lareheho dada aur dadi ke pas ,adi tum se to bat karna muje bhee bohat achha lagta .bye adi good bless u
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