पिछली पोस्ट में मैने आपको बताया कि मैं बीमार हो गया और मुझे सरोज अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. वहां एक दिन मम्मी ने शिकायत की कि आदि दूध अच्छे से नहीं पी पाता है, थोड़ी थोड़ी देर से दूध मांगता है, शायद इसका पेट नहीं भर रहा.. वगैरह-वगैरह...
पापा को भी लगा कि कुछ समस्या है.. मेरा वज़न भी नहीं बढ़ रहा था.. पापा ने डॉ अंकल को फोन लगाया और समस्या बताई.. रात के 10:15 हो रहे थे उस समय.. उन्होने बताया कि वो मुझे देखने आ रहे है..
थोड़ी ही देर में वो आ गये.. उन्होने मम्मी से बात की, उन्हे लगा कि मम्मी को अच्छे से समझाना चाहिये.. उन्होने BPNI कि बनाई एक flip book मंगाई और मम्मी को समझाने लगे.. breastfeeding क्यों ज़रुरी है, postuer कैसा हो, fore milk और hind milk क्या होता है इत्यादि इत्यादि.. पापा और नानी भी पूरी दिलचस्पी से सुन रहे थे. पता है मम्मी कि क्लास पूरे 45 मिनट चली... उन्होने यह भी कहा कि दूध पिलाने में कम से कम तीन घंटे का अन्तर रखे.
खैर तीन घंटे का अन्तर तो मैने मम्मी को कभी नहीं रखने दिया पर अंतर बढ़ाने में भरपूर सहयोग दिया.
September 8, 2008 at 9:15 PM
" Hi, Adee, hope you are perfactly all right now, but nathkat class thumahree lgnee thee mummy ke nahee ha ha ha , but u are brave boy and supportive to as u co-operated your mom in feeding and maintaining time gap. good beta aise hee chultey rehna ok. and ya aaj ke post ka font kuch theek nahee hai all words are overlaping, if possible mummy se keh kr thoda sa presentation theek kra lo han...."
Love u always..
September 8, 2008 at 10:14 PM
आदित्यजी, हिन्दी ब्लॉग टिप्स पर मैंने इसी तरीके से यह बक्सा लगाया है। देखें कि कहीं आपने यह कोड दो बार तो पेस्ट नहीं कर दिया है। या आप इस कोड को हटाकर देखें कि कहीं पहले से आपकी टेम्पलेट इस कोड के साथ तो नहीं है। हो सकता है कि इस कोड को हटाने पर आपको एक बक्सा दिखने लगे।
September 8, 2008 at 11:08 PM
सीमा आंटी, बीमार तो मैं बहुत पहले हुआ था, अब तो ठीक हो गया..
कुछ fonts का problem था, अब ठीक है.. thank you
September 9, 2008 at 5:25 AM
aadi to bahut samajhdaar bachcha hai...achchi lagti hain aadi ki baaten.
September 9, 2008 at 7:52 AM
It is Working.....
September 9, 2008 at 10:53 AM
आदी बेटा इतनी बाते कहा से सीखा, बेटा बहुत प्यारी प्यारी बाते करता हे, ओ के वाय कल फ़िर मिलेगे....
September 9, 2008 at 11:11 PM
waah aadi beta,tum to bahut samajhdaar ho
Post a Comment