तो उन दिनों आप सभी की शुभकामनाओं के साथ कई तरह के घरेलु नुस्खे मिले.. आप सभी के लिये इन्हे यहां बता रहा हुँ..
१. मम्मी ने शहद के साथ तुलसी के पत्तों का रस दिया.. २. जितु भाई ने पापा को बताया कि आदि को हरी चाय के तीन पत्ते और तुलसी के तीन पत्ते पानी में उबाल कर उसका जुस दूध या पानी के साथ मिला कर दें
३. मोना मासी ने कहा आदि के सीने और तलुओ में चेसोल तेल (आयुर्वेदिक) की मालिश करें, पर ये थोडा़ तेज था तो मम्मी ने इसमे olive oil मिला कर मालिश की
४. रचना आंटी ने कहा की रात में छाती पर गरम कड़वे तेल की मालिश करें और ज्यादा ठंड होतो दूध में एक बुंद baraandi की मिला कर पियें
५. राज भाटिया अंकल मे कहा कि टोपी पहन कर रखें और एक चम्मच शहद मे एक चुट्की हल्दी मिला कर चटायें इससे छाती साफ़ रहती हे
मैंने इनमे से कुछ तरीके अपनाएं.. बहुत असरदार है ये.. सर्दी का मौसम आने वाला है अगर जरुरत पडे़ तो आप भी आजमाना..

September 22, 2008 at 8:59 PM
oye cute pie........ ek dum prince... hmm bhut accha kiya jo hume bhee cold se bachne ke treeke btaa diye verna hum to bhut lapervah hain han. ab han topee pehna to mumkin nahee bt hunny, tulsee, vivks ye sub chlega. or han khud bhee bcah kr rehna ok.
Love ya
September 23, 2008 at 3:41 AM
अच्छे नुस्खे हैं .
September 23, 2008 at 4:07 AM
jaldi jaldi thik ho jao aadi.. sardi enjoy karni hai abhi to.. waise haldi mein thodi se kali mirch milakar ek chutki li jaye to jukam chhu mantar ho jata hai.. dadi ma ka nuskha hai.. kabhi galat nahi hota..
September 23, 2008 at 6:21 AM
वाह वाह!! बबुआ जी डॉक्टर हो गये-इलाज बताने लगे, बहुत सही!! :) अबसे डॉक्टर बबुआ!!
September 24, 2008 at 6:29 AM
जानकारीप्रद।
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