पिछले सप्ताह मैं इस बदलते मौसम की चपेट में आ गया.. ज्यादा कुछ नहीं बस जुकाम हो गया.. और तो कोई बात नहीं. मेरे पापा भी बाहर गये हुए थे.. लेकिन मम्मी तो मेरे पास ही थी इसलिए कोई चिन्ता नहीं थी.. मम्मी ने मुझे शहद और तुलसी का रस मिला कर दिया, मम्मी को लगता था उससे मैं ठीक हो जाऊँगा. पर मामला जमा नहीं... फिर मम्मी मुझे डाक्टर के पास ले गई.. थोड़ी बहुत दवा खाई और मैं ठीक हो गया. पता है मैं जिस अस्पताल मैं जाता हुँ वहाँ एक नर्स दीदी से मेरी अच्छी दोस्ती हो गई है.. वो मुझसे बहुत बातें करती है और मुझे भी उनकी गोद में रहना अच्छा लगता है. लेकिन, इन सब से मेरे खेलने और गाने में कोई कमी नहीं आई.. और यह पहन कर तो मुझे बहुत मज़ा आया.. कैसा लग रहा हुँ मैं ?
और ये है मेरी नई दोस्त..
लेकिन आप एक बात बताओ, ये मौसम क्यों बदलते है? क्यों हमें बीमार कर देते है.
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September 15, 2008 at 4:32 AM
beta ji jaldi sae achchey ho jaao aur apni mummy sae kaho ki raat mae tumhare chest par garam kadvey tael ki maalish karey
phir raaja beta kabhie bumaar hee nahin padegaa
aur jyaada thand ho to dudh mae ek boond baraandi ki daalvaaya karo tumahari naani yaani meri mummy yahii kartee thee jab mae aarey tumahari mausi beemar padhtee thee
khub badey ho jaao
September 15, 2008 at 4:43 AM
Hi Adee,
accha hua beta aaj thumahree post aa gye or tumse baat kerne ka mauka mil gya, aaj kuch dil udas hai or mun bharee bhee, pr jane do jindgee hai, ruktee nahee hai chultee rehtee hai rh halat mey. but thumeh dekh kr bdaa accha lga or sukun mila hai han. tum mask lga kr cute lg rhe ho, magar fun ke liya lgaya to accha hai, or agar beemare mey lgaya to bilkul theek nahee, thoda dhyan daine ke jruret hai na beta, bcs tum abhee bhut chote ho, natkhat bhee ho. lakin apnee pyaree pyaree ankhon se dektey hue tum bhut pyare lg rhe ho. apnee health ka dhyan rkhna ok, "
Wish u good luck
Love ya
September 15, 2008 at 5:10 AM
jaldi se theek ho jao beta....aur haan aise hi gaate aur khelte raho.aapse milna hame bahut achcha lagta hai....love u...
September 15, 2008 at 12:14 PM
बेटा अपनी मामई से कहो की सब से पहले तो तुम्हे टोपी पहनाये, हां सचीमुची की टोपी , फ़िर कभी कभी तुम्हे असली शहद मे हल्दी मिला कर ( एक चम्मच शहद मे एक चुट्की हल्दी) चटाया करे, जिस से छाती साफ़ रहती हे... ओर अब जल्दी से जल्दी ठीक हो जाओ,
कल मिलेगे, शुभ दिन/ रत्रि
September 15, 2008 at 6:45 PM
मेरे बबुआ पहलवान!! बस, कुछ सालों की बात है जब आप इस मौसम के बदलाव से लड़ना सीख जाओगे..आपका शरूर आपके अनुरुप चलेगा..बस, शुरुवाती दौर में मौसम बदलना असर करता है फिर कभी कभी..बहुत सुन्दर जिन्दगी और दुनिया सामने इन्तजार कर रही है..छोटी छोटी सी बातों से परेशान नहीं होते...तुम्हारी ऐसी फोटो देखकर दिल धक्क से कर गया...बेटा, तुम इतने प्यारे हो कि तुम्हारी जरा सी तकलीफ हमारा पूरा दिन परेशान कर देती है. तुम्हारी आंटी अच्छी होकर घर आ गई मगर अभी एक महिने बिस्तर पर आराम करना है और मुझको काम..तुमको हंसी आ रही है मेरे काम करने पर..आंटी की पार्टी के हो क्या?? जाओ, कट्टी..हम अब आंटी के लिए खाना बनायेंगे.
:)
September 15, 2008 at 6:48 PM
तुम्हारी नई दोस्त तो बहुत गाल नोच रही हो..अगली बार कह देना कि समीर अंकल से डांट पिटवाऊंगा अगर उनके बबुआ का गाल नोचा तो!!! :)
September 15, 2008 at 10:31 PM
Chota baccha....
yeh bilkul bh accha nain laag raga hai...jaldi se acche ho jaoo.....
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