
कल जन्माष्टमी थी.. दीदी ने बहुत सुन्दर कपडे़ पहने और मोर मुकुट भी लगाया, बिल्कुल कान्हा जैसे.. देखो कितनी सुन्दर लग रही है दीदी..
अब आपको दुसरी बात बताता हुँ..
दीदी अपना मुकट खोल कर मेरे साथ खेलने लगी..हम दोनों बहुत अच्छे से खेल रहे थे..

फिर अचानक दीदी ने मेरा शर्ट पकड़ लिया

मुझे गुस्सा आया, मैनें भी दीदी का कुर्ता पकड़ लिया...

फिर तो दीदी बहुत रोई
.. बहुत देर तक चुप ही नहीं हुई.... सॉरी दीदी.. पर मेरी कोई गलती नहीं थी..
August 24, 2008 at 12:22 PM
bahut pyari
August 25, 2008 at 12:05 AM
Chota baccha,
bhut pyara lag raha hai...
c u aadi...
August 25, 2008 at 4:58 AM
so cute
August 25, 2008 at 11:18 AM
वाह!!! बेहतरीन पोस्ट। बधाई स्वीकारें।
August 25, 2008 at 6:08 PM
hmm....yeh to kishan balram ki jodi lag rahi hai...ha ha ha
August 26, 2008 at 11:40 AM
दीदी को रुलाते थोड़ी हैं आदि-वो तो खेल में शर्ट पकड़ रहीं थी और आपके मूँह पर गुस्सा तो देखो-इत्ता तेज-बाप रे!!!
August 26, 2008 at 11:18 PM
धन्यवाद.. आशा आँटी, और अनुरंजन, जितेन्द्र, राजीव, fly और उडन तश्तरी अंकल..
fly uncle आप बहुत दिन से आये.. मुझे आपकी चिन्ता हो रही थी...
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