लोंग ड्राईव तो गये, पर फुल स्पीड़ से नहीं गये, क्या करें पापा गाडी धीरे - धीरे ही चला रहे थे. अब आप ये तो सुन लो कि हम गये कहाँ थे, हम सब गये थे गुडगाँव के मेट्रोपॉलिटन मॉल में.

कल परी दीदी का जन्म दिन था, हाँ पापा का जन्म दिन भी तो कल ही था.. हम सब वहीं मिले.. ताऊ, ताई और परी दीदी..
मैं तो दोपहर में ही सो लिया था, ताकि शाम में अच्छे से घूम सकूं.. आखिर इतने बड़े मॉल में पहली बार जा रहा था भाई...
गाडी से उतरकर मैं तो अपनी गाड़ी (pram) में सवार हो गया, पापा को तो अपनी गाड़ी पार्किंग में रखनी पड़ी पर मेरी गाड़ी तो सभी जगह पर गई, हम लिफ़्ट से मॉल के अन्दर गये.. बहुत बड़ी जगह है.. मै तो टुकर- टुकर सबको आश्चर्य से देख रहा था, आने जाने वाले लोग भी मुझे देखकर smile कर रहे
थे.. थोड़ी देर तक हम घूमते रहे.. फिर तो परी दीदी आ गई, परी दीदी को ’बार्बी डॉल’ गिफ्ट मिली, दीदी बहुत खुश थी.. फिर दीदी तो खेलने चली गई... हम सभी बहुत खुश होकर घुम रहे थे.. घूमते घूमते मुझे नींद आ गई.. आँख खुली तो देखा सभी बडे़ लोग खाना खा रहे थे.. पर मुझे भी तो भूख लग रही थी.. थोडी देर तो रुका फिर मैंने दूध माँगना शुरु कर दिया... हाँ भाई रोने लगा.. मम्मी को खाना बीच में छोड़ कर मुझे दूध पिलाना पड़ा, ताज्जुब कि बात है इतने बडे़ मॉल में मेरे लिये दूध पीने की कोई जगह नहीं थी.. मम्मी को बहुत मुश्किल हुई.. खै़र दूध पीकर मैं फिर से तैयार हो गया.. थोडी देर तफरी कर हम घर के लिये रवाना हो गये..
"Happy Birth Day Pari Didi".. "Happy Birth Day Papa"...
(3 August 2008)
August 4, 2008 at 7:09 PM
अरे वाह, पापा को जन्म दिन की बहुत बधाई. आप हमारे हिस्से का केक भी पाप से जबरदस्ती लेकर खा लेना. यू आर सो स्वीट. :)
August 4, 2008 at 7:11 PM
ओह सॉरी, परी दीदी को भी हमारी तरफ से जन्म दिन की बधाई-एक और पीस केक आपके लिए आदि.. :)
August 4, 2008 at 9:42 PM
aadi congratulations!! tumhara blog blogger buzz mein featurehua hai ! :)
August 4, 2008 at 9:53 PM
thanks.. uncle for this gr8 news.. and thans udan tashtari uncle..
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