बात राखी के दिन कि है.. देखो - देखो अर्पित चाचा मेरी चोकलेट ले जा रहे थे कि तीसरी आँख से पकड़े गये.. अरे कोई उन्हे बाताओ कि ये चोकलेट तो मै मेरी बहनों और भुआओं के लिये लाया हुँ,
सोते समय तो चाकलेट तकिया के नीचे रख लेते, बबुआ!! वो चाचा भी ले जाकर आपकी दीदी और बुआ को ही देने वाले हैं, काहे परेशान हो रहे हो?? आराम से सो लो, फिर खेलेंगे. :)
August 22, 2008 at 9:23 AM
सोते समय तो चाकलेट तकिया के नीचे रख लेते, बबुआ!! वो चाचा भी ले जाकर आपकी दीदी और बुआ को ही देने वाले हैं, काहे परेशान हो रहे हो?? आराम से सो लो, फिर खेलेंगे. :)
August 22, 2008 at 10:07 AM
तस्वीर अच्छी लगी...और उपहार भी...नहीं लेजाएंगे चाचा तो चॉकलेट पिंघल जाएगी।
August 24, 2008 at 1:48 AM
mai chor nahi hooon aacha chacha hooon!!
August 24, 2008 at 11:53 AM
I LOVE YOU CHACHA... मैं तो मजा़क कर रहा था... आप तो बहुत प्यारे चाचा हो मेरे...
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