आपको पता है, १६ अगस्त को राखी का त्यौहार है, मुझे तो आज ही मेरी राखी मिल गई. प्राची दीदी ने भेजी है मुंबई से.. अब मैं राखी के दिन ठाठ से कलाई पर राखी बाँधूंगा, और कुमकुम भी लगाऊँगा, पर दीदी आपने जो मुँह मीठा करने के लिये चीनी भेजी है ना, वो मैं अभी नहीं खा सकता, "Exclusive Breastfeeding" पर हुँ ना.
दीदी ने राखी के साथ एक चिट्ठी भी भेजी है, बहुत प्यारी लिखी है.. विश्वास नहीं हो रहा ना, तो आप ही पढ़ लो.

August 13, 2008 at 7:10 PM
प्राची दीदी ने हमको तो राखी भेजी ही नहीं और न ही अभी तक हमें हमारी दीदी की राखी मिली.हमेशा देर से आती है. आप राखी बाँधेंगे शान से और हम परदेश में आंसू की दो बूंद टपका कर बहना को याद करेंगे. बस एक दुआ है आपके लिए-हमेशा अपनों के बीच रहना-कभी दूर रहने का हम जैसा दर्द न सहना...बहुत आशीष मेरा तुमको. खूब खुश रहो शान से. फोटो भेजना अपनी राखी बाँध कर और कुमकुम लगा कर, प्यारे आदि.
August 13, 2008 at 8:46 PM
बहुत बहुत बधाई आपको.. लेकिन हमारी रखी तो आई ही नही.. और आएगी भी नही.. क्योंकि हमारी तो बहना ही नही है..
August 13, 2008 at 8:58 PM
अरे वाह... आदि की राखी भी आ गयी. बहुत अच्छी राखी है. इस बार हमारे मन को भी राखी बाँधी जायेगी . छोटे छोटे बच्चो के हाथ में रंग बिरंगी राखियाँ कितनी अच्छी लगेंगी
August 13, 2008 at 10:35 PM
aap ko bhadhaai raakhi ki ishwaar aap ko apni didi ka prem sae hemsha rubaru karvaaye
August 14, 2008 at 3:41 AM
काफी भावुक होकर लिखा है आपने। बात दिल को छू गई।बधाई।
August 14, 2008 at 11:38 PM
abhi to nahi aai
kal ki kal jane
khair...
August 25, 2008 at 6:12 PM
aadi, apki didi ki handwriting to bahut sundar hai...meri taraf se didi ko keh dena :)
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