मेरा जन्म जोधपुर मे हुआ था.. पर पापा दिल्ली मे रहते है तो हमको जोधपुर से दिल्ली आना था.. पापा लेने नहीं आये बस टिकट भेज दिये.. मेरा भी टिकट बना. "आदित्य रंजन" नाम से.. (पर एयरलाईन्स
वालो ने बोर्डीग कार्ड पर infant लिख कर छोड दिया).. मै मम्मी के साथ एयर्पोर्ट पहुचा. .. रविवार ६ जुलाई को..दादा-दादी भी छोडने आये.. मम्मी मुझे उठा के नहीं चल सकती इसलिये एक अंकल मुझे हवाई जहाज तक लेके गये.. एयर ईडिया (हां आप लोग ईडियन एयरलाईन्स भी बोलते हो).. कि उडान थी IC - 472.. हम जोधपुर से शाम ५.४० पर चले (हां उडे).. २० मिनिट देर से.. रास्ते मे बहुत मस्ती की.. सब लोग और हां air hostess भी मुझसे खुब बात कर रहे थे.. वैसे थोडा रोया भी.. पर चलता है..
वालो ने बोर्डीग कार्ड पर infant लिख कर छोड दिया).. मै मम्मी के साथ एयर्पोर्ट पहुचा. .. रविवार ६ जुलाई को..दादा-दादी भी छोडने आये.. मम्मी मुझे उठा के नहीं चल सकती इसलिये एक अंकल मुझे हवाई जहाज तक लेके गये.. एयर ईडिया (हां आप लोग ईडियन एयरलाईन्स भी बोलते हो).. कि उडान थी IC - 472.. हम जोधपुर से शाम ५.४० पर चले (हां उडे).. २० मिनिट देर से.. रास्ते मे बहुत मस्ती की.. सब लोग और हां air hostess भी मुझसे खुब बात कर रहे थे.. वैसे थोडा रोया भी.. पर चलता है..फिर पता नहीं फ़्लाईट कंहा लेट हो गई.. पापा इन्तजार कर रहे थे..
७.३० पर हम airport से बाहर निकले.. पापा वहीं थे.. इस बार भी एक अंकल गोदि मे उठा कर बाहर लाये.. हम पार्किग मे गये.. अंकल ने गाडी मे बिठाया.. और हम घर की तरफ रवाना हो गये.. हां पापा अपना पर्स तो रमेश ताऊ के घर भूल आये थे.. पार्कीग के पैसे भी मम्मी से उधार लेके दिये..
July 12, 2008 at 9:19 PM
Adhi Beta,
Ayushman Bhav,
Tumhara blog padkar bhut mazza aata hai...ho sake to writers ko bolna ki videos bhi dale...tumse milkar bhut accha lagata hai...
chacha
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