Home Blogger Templates Gallery Blogger News Edit Edit Edit

और ये गया मुँह के अन्दर......

Labels:
अब तक तो मेरी अँगुली मुँह मे जाती थी पर अब तो मेरे पास ताकत आ रही है...

पता है मेरी और मम्मी की कुश्ती चलती रहती है आजकल, मेरे शर्ट, टी शर्ट या बनियान को लेकर.. कैसे?.. मै खेलते खलते अपनी शर्ट पकड़ कर मुह में डाल लेता हुँ.. फिर मैं खुद में ही मस्त हो जाता हूँ.. किसी की कोई जरुरत नहीं.. पर जैसे ही मम्मी कि नज़र पड़ती है.. मम्मी जल्दी से मेरा शर्ट ठीक करती है.. और मैं फिर से उसे मुँह में... आजकल यही लुकाछिपी चलती है..

अब तो मुझे चादर ओढ़ना भी बुरा नहीं लगता.. पता है क्यों ? क्योंकि, चादर को मुँह में डालना तो और भी आसान है.

अब तो कछुआ भी मेरी पकड़ से बाहर नहीं.. और देखो - देखो ये भी गया मूँह के अंदर..
2 comments:

Comments

बहुत प्यारा और बहुत ही प्यारा.


Post a Comment

Aaditya (आदित्य)'s Fan Box

My Blog List


Labels